जलवायु सम्मेलन में साझा सहमति, विकासशील देशों के लिए विशेष कोष
नई रूपरेखा में तकनीकी सहयोग और आपदा राहत पर जोर दिया गया है।
यह बदलाव केवल कागज़ी घोषणा तक सीमित नहीं है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्ययोजना बनाने और हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में नागरिक सुविधाओं, ग्रामीण संपर्क और युवाओं के लिए अवसर बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि योजना की सफलता बजट के सही इस्तेमाल और जमीनी स्तर पर जवाबदेही पर निर्भर करेगी।